Tuesday, November 30, 2021

इंजीनियरिंग कालेज की एनबीए ग्रेडिंग पर कोरोना का साया, फिर निरीक्षण स्थगित

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रीवा। देश भर के इंजीनियरिंग कालेजों की ग्रेडिंग करने वाली संस्था का रीवा में निरीक्षण एक बार फिर स्थगित हो गया है। यह लगातार दूसरा अवसर है जब निरीक्षण कार्यक्रम स्थगित हुआ है। रीवा के शासकीय इंजीनियरिंग कालेज में कई प्रमुख प्रोजेक्ट इसकी ग्रेडिंग नहीं हो पाने की वजह से रुके हुए हैं।

साथ ही शासन से मिलने वाला अनुदान भी रुका हुआ है। इससे कालेज के विकास की गति भी रुकी हुई है। नेशनल बोर्ड आफ एक्रेडिटेशन(एनबीए) द्वारा देशभर के इंजीनियरिंग कालेजों को ग्रेडिंग दी जाती है। इसी ग्रेडिंग के आधार पर कालेजों को अनुदान मिलता है और छात्रों का आकर्षण भी बढ़ता है। बीते कई वर्षों से इसकी तैयारियां की जा रही थी लेकिन पहले सबसे बड़ी बाधा शैक्षणिक स्टाफ की रही है।

एक समय ऐसा था जब कालेज में महज करीब दो दर्जन की संख्या में शैक्षणिक स्टाफ था जिसमें नियमित महज दर्जन भर ही थे। केन्द्र सरकार द्वारा विश्वबैंक के सहयोग से टेक्यूप-३ प्रोजेक्ट शुरू किया, जिसके तहत रीवा सहित अन्य कालेजों में सहायक प्राध्यापकों की पोस्टिंग की गई। रीवा के कालेज की भी प्रारंभिक आहर्ता इसी से पूरी हुई तो एनबीए ग्रेडिंग के लिए टीम से निरीक्षण करने के लिए बीते साल आवेदन किया गया था। तिथि भी निर्धारित हो गई थी लेकिन अचानक से कोरोना संक्रमण की वजह से इसे रोक दिया गया था।

अब दोबारा फिर से तैयारियां शुरू की गई थी। जिसके लिए इंजीनियरिंग कालेज प्रबंधन ने फिर से आवेदन किया था। अप्रेल के आखिरी सप्ताह से लेकर १५ मई के मध्य निरीक्षण का अनुरोध किया गया था। इनदिनों पूरे देश में कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है। रीवा में टोटल लॉकडाउन चल रहा है। ऐसे में निरीक्षण संभव नहीं है। जिसके चलते इसे अनिश्चिकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है।

-89 में 65 शिक्षकों की है पदस्थापना

इंजीनियरिंग कालेज में एक समय ऐसा आया था जब स्वीकृत प्राध्यापकों के 89 पद में महज 11 बचे थे। लगातार मांग उठती गई और पदस्थापना भी होती गई। वर्तमान में 30 नियमित प्राध्यापक यहां पर कार्य कर रहे हैं। साथ ही विश्व बैंक परियोजना के सहयोग से केन्द्र सरकार ने 35 सहायक प्राध्यापकों की नई नियुक्तियां की हैं। इस तरह से पढ़ाने वालों की कुल संख्या 65 हो गई है। शिक्षकों की यह संख्या एनबीए ग्रेडिंग के लिए पर्याप्त मानी जा रही है। बीते मार्च महीने में ३५ शिक्षकों का कार्यकाल पूरा होने के बाद संकट उत्पन्न हो रहा था, जिस पर छह महीने का कार्यकाल बढ़ाया गया है। इसलिए यदि आने वाले दिनों में इनका कार्यकाल नहीं बढ़ा तो स्टाफ का संकट फिर उत्पन्न होगा और एनबीए ग्रेडिंग का कार्य भी प्रभावित होगा।

वाटर मैनेजमेंट का कोर्स भी अटका

इंजीनियरिंग कालेज को वाटर मैनेजमेंट का कोर्स प्रारंभ करने की अनुमति मिली है। यह तभी प्रारंभ होगा जब कालेज को एनबीए ग्रेडिंग मिल जाएगी। लगातार ग्रेडिंग के लिए होने वाला निरीक्षण स्थगित होने की वजह से नए कोर्स भी प्रारंभ नहीं हो पा रहे हैं। इसके लिए इंजीनियरिंग कालेज प्रबंधन लगातार पत्राचार कर रहा है।


एनबीए ग्रेडिंग के लिए आवेदन किया था, जिसमें निरीक्षण की तिथियां भी प्रस्तावित थी। अब कोरोना का प्रकोप बढ़ गया, जिससे सारी व्यवस्थाएं रुक गई हैं। स्थितियां सामान्य होने के बाद ही यह प्रक्रिया आगे बढ़ पाएगी।
डॉ. बीके अग्रवाल, प्राचार्य इंजीनियरिंग
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