Sunday, December 5, 2021

पीएम आवास योजना : अफसर लगा रहे पलीता, पांच साल से 12,570 हितग्राहियों को आशियाना नहीं दे सके अफसर

Share on whatsapp
WhatsApp
Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on telegram
Telegram

रीवा. पंचायतों में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना जिम्मेदारों के अनदेखी की भेंट चढ़ गई है। चालू वित्तीय वर्ष बीतने के बाद भी 4,756 हितग्राहियों को आवास स्वीकृत नहीं कर सके। जबकि चालू वित्तीय वर्ष में जिला मुख्यालय से लेकर ब्लाक स्तर पर आला अधिकारी हर सप्ताह समीक्षा कर रहे। बाजवूद इसके गरीबों का आशियाना नहीं बनाया जा सका।
7814 आवास चार साल में नहीं हो सके निर्माण
हैरानी की बात तो यह कि पांच साल पुराना यानी वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2019-20 के बीच निर्माणाधीन 7,814 हितग्राहियों का आवास पूर्ण नहीं कराए जा सके हैं। कुल मिलाकर जिले में चालू वर्ष से लेकर अब तक 12,570 हितग्राहियों का आवास नहीं बनाया जा सका।
पंचायत अमले की लपरवाही
जिले में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के क्रियान्वयन को लेकर पांच ब्लाकों के जनपद सीइओ लापरवाह बने हुए हैं। वित्तीय वर्ष 2020-21 में शासन से निर्धारित लक्ष्य 26,299 हितग्राहियों में से 4,756 हितग्राहियों को आवास स्वीकृत नहीं कर सके हैं। पंचायत अमले की लापरवाही इस कदर है कि केन्द्र व प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना कागजी प्रक्रिया में लटकी हुई है।
रीवा-त्योथर समेत पांच ब्लाक पीछे
जिला पंचायत के आंकड़े के अनुसार रीवा, गंगेव, हनुमना, मऊगंज और त्योथर आवास स्वीकृत करने में सबसे फिसड्डी हैं। त्योथर जनपद में 715 आवास गरीबों को स्वीकृत नहीं किए जा सके हैं। इसी तरह मऊगंज में 870 आवास स्वीकृत नहीं कर पाए हैं।

close