Tuesday, November 30, 2021

राजस्व अधिकारियों ने शासकीय भूमि को भूमाफिया के हवाले कर दिया

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रीवा। जिले के राजस्व महकमे पर एक बार फिर माफिया के साथ मिलीभगत किए जाने का आरोप सामने आया है। जिसमें नियमों को दरकिनार करते हुए पहले शासकीय भूमि को माफिया के हवाले करने में मदद पहुंचाई गई। बाद में जब मामला उजागर हुआ और शिकायत की गई तो शासन ने दोबारा मामले की सुनवाई के लिए पक्ष रखने का निर्देश दिया। इस पर कलेक्टर ने भी एसडीएम और तहसीलदार हुजूर को निर्देशित किया था लेकिन भूमाफिया के दबाव की वजह से कलेक्टर के निर्देश को भी दरकिनार कर दिया। बताया गया है कि गुढ़ विधायक नागेन्द्र सिंह ने करीब नौ महीने पहले कलेक्टर को पत्र लिखकर कहा था कि उनके क्षेत्र के धोबखरा गांव में शासकीय भूमियों का भू-माफिया द्वारा अवैध रूप से राजस्व मंडल ग्वालियर से अपील शासन को बिना सुने स्वीकार कराने और कर्मचारियों की मिलीभगत से शासन को अनुपस्थित कराकर भूमाफिया के नाम डिग्री करा दी गई। साथ ही भूमि का नामांतरण भी करा दिया गया। जिसे निरस्त करने के लिए मुख्य सचिव ने कलेक्टर को पत्र भेजा था। जिसमें मामले का पुनर्विलोकन और कोर्ट में अपील कर शासकीय भूमि को मुक्त कराए जाने का निर्देश था। इस पर तत्कालीन कलेक्टर ने एसडीएम और तहसीलदार हुजूर को निर्देशित किया था कि शासकीय भूमि को माफिया से मुक्त कराने के लिए पुनर्विलोकन की कार्रवाई कराएं। तत्कालीन एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अन्य कर्मचारियों ने मिलकर मामले को दबाने का प्रयास किया। इस संबंध में धोबखरा गांव के आदिवासियों ने फिर से कलेक्टर को पत्र लिखकर मांग उठाई है कि सरकारी भूमि को माफिया से मुक्त कराया जाए। साथ ही पुनर्विलोकन की कार्रवाई नहीं कराने वाले अधिकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है। बताया गया है कि उक्त सरकारी भूमि पर आवासहीन आदिवासियों को मकान बनाने के लिए आवंटित करने के लिए विधायक ने पत्र भी लिखा था। इसलिए आदिवासियों ने कहा है कि उक्त भूमि को मुक्त कराया जाए।

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