Sunday, December 5, 2021

रीवा- खैरा वार्ड नंबर 4 में लॉक डाउन का झोलाछाप डॉक्टर उठा रहे फायदा।

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रीवा- एक तरफ जहां पूरा शहर covid-19 महामारी से जूझ रहा है,वही दूसरी ओर झोलाछाप डॉक्टर मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे है। यहां वार्ड नंबर 4 खैरा नई बस्ती में चाय की गुमत्तियो जैसी दुकानों में झोलाछाप डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहे हैं मरीज चाहे कोरोना वायरस से ग्रसित हो या उल्टी दस्त खांसी बुखार से पीड़ित हो या फिर अन्य कोई बीमारी से सभी बीमारियों का इलाज यह झोलाछाप डॉक्टर करने को तैयार हो जाते हैं खास बात यह है कि अधिकतर झोलाछाप डॉक्टर के द्वारा मरीज की हालत बिगड़ती है तो उससे आनन-फानन में संजय गांधी अस्पताल भेज दिया जाता है ।

बिना लाइसेंस के दवाओं का भंडारण भी करते हैं झोलाछाप डॉक्टर झोलाछाप चिकित्सकों द्वारा बिना पंजीयन के एलोपैथी चिकित्सा व्यवसाय ही नहीं किया जा रहा है बल्कि बिना ड्रग लाइसेंस के दवाओं का भंडारण व विक्रय भी अवैध रूप से किया जा रहा है दुकानों के भीतर कार्टून में दवाओं का अवैध तरीके से भंडारण रहता है यहां रीवा जिला में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कई सालों से अवैध रूप से चिकित्सा व्यवसाय कर रहे लोगों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई इन दिनों मौसमी बीमारियों का कहर और covid -19 जैसी महामारी में यह झोलाछाप डॉक्टरों के हौसले बुलंद हैं और यह झोलाछाप डॉक्टर लॉक डाउन का फायदा उठाते हुए अपनी मोटी कमाई कर रहे हैं झोलाछाप डॉक्टरों की दुकाने मरीजों से भरी पड़ी है गर्मी व तपन बढ़ने के कारण इन दिनों उल्टी दस्त बुखार जैसी बीमारियां ज्यादा पनप रही है झोलाछाप की मरीजों का इलाज ग्लूकोज की बोतलें लगाने से शुरू करते हैं एक बोतल चढ़ाने के लिए इनकी मोटी फीस होती है।
यदि किसी मरीज की तबीयत बिगड़ती है तो इसे अस्पताल मे  रेफर कर देते हैं मरीज बीते कुछ वर्षों से बिना डिग्री या फिर किसी अन्य पैथी की डिग्री लेकर एलोपैथिक दवाइयों का इलाज करते हैं

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