Sunday, December 5, 2021

रीवा- यह विंध्य प्रदेश है यहां हाईकोर्ट के आदेश कोई मायने नहीं रखते….?????मामला हनुमाना तहसील का

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यह विंध्य प्रदेश है यहां हाईकोर्ट के आदेश कोई मायने नहीं रखते….?????
मामला हनुमाना तहसील का
शिवभानु सिंह बघेल की रिपोर्ट 
 रीवा – हमारे लोकतंत्र में न्याय का आखिरी मंदिर न्यायालय ही है ,लेकिन जब न्यायालय के आदेश पर भी नौकरशाही न्याय दिलाने में अक्षम साबित हो ,तो पीड़ित कहां जाए । फिर जब न्याय भगवान से जुड़ा हो तब यह बड़ा सवाल बन जाता है ,इस देश में मंदिर मस्जिद के नाम एक दूसरे का खून बहाने वाले ,यहां मंदिर के पुजारी को प्रताड़ित कर रहे हैं और राम भक्तों की व्यवस्था खामोश है । मामला हनुमाना तहसील के ग्राम हाटा का है जहां दबंगों ने मंदिर की जमीन पर कब्जा जमा रखा है ,लंबी लड़ाई लड़ते हुए पुजारी ने हाई कोर्ट से न्याय प्राप्त किया । जब न्यायालय ने यहां के अवैध कब्जा हटाने का आदेश दिया । लेकिन आज हनुमाना के एस.डी.एम व तहसीलदार न्यायालय के आदेश का पालन करवाने में अक्षम साबित हुए हैं । इन्होंने आर.आई व पटवारी को लिखित में दे दिया कि पुलिस को साथ लेकर यहां से कब्जे हटाए । लेकिन आर.आई व पटवारी ने कान में रुई ठूस कर यह साबित कर दिया कि कुछ भी करो असली कमिश्नर व कलेक्टर तो यहीं होते हैं ,लेकिन यह भूल जाते हैं कि चंद टुकड़ों के खातिर की जा रही इनकी गुस्ताखी भारी पड़ेगी । जब पुजारी जी हाई कोर्ट में जाकर कहेंगे कि हुजूर आप के आदेश का पालन नहीं हो रहा है तब छोटों को नहीं बड़े अधिकारियों को बगले झांकना पड़ेंगे पड़ेगा ।
 शिवभानु सिंह बघेल
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