Tuesday, November 30, 2021

*लोक शिक्षण आयुक्त के निर्देश को नहीं मानते पीके स्कूल रीवा के प्राचार्य* *प्राचार्य की लापरवाही से महिला शिक्षक हुई कोरोना पॉजिटिव*

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रीवा । म.प्र.शासन स्कूल शिक्षा विभाग ने जहां प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों में कोविड-19 के चलते 15 नवंबर तक पूर्णत: अवकाश घोषित किया है वही कक्षा 9 से 12 तक की स्कूलों को कोविड-19 के नियमों के तहत स्कूल खोलने की अनुमति दी है। साथ ही समस्त प्राचार्य को स्पष्ट हिदायत दी है कि मात्र 50 प्रतिशत शिक्षक ही उपस्थित हो, विद्यालय में भीड़ न लगाई जाए। 
किंतु पी.के स्कूल रीवा के प्राचार्य ना तो कोविड-19 के नियमों का पालन करते हैं और न मानते हैं और न ही आयुक्त लोक शिक्षण के। बताया गया है कि इस विद्यालय में लगभग आधा सैकड़ा शिक्षक पदस्थ जिन्हें प्राचार्य द्वारा प्रतिदिन स्कूल बुलाया जाता है और 5:00 बजे तक जबरन स्कूल में बैठाया जाता है। जबकि वर्तमान में बच्चों की संख्या भी स्कूलों में काफी कम रहती है ऐसी स्थिति में समस्त शिक्षकों को एक साथ बुलाना जहां कोविड-19 के नियमों का उल्लंघन है वहीं शासन के आदेश को ना मानना भी अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। 
मिली जानकारी के अनुसार संस्था मे पदस्थ एक महिला अध्यापक वर्तमान में प्राचार्य की इस लापरवाही का न सिर्फ शिकार हुई बल्कि कोविड-19 पॉजिटिव भी पाई गई। उन्होंने बताया कि नामांकन आदि फार्म लेने उनके फीस की रसीद काटने का कार्य प्राचार्य द्वारा उनसे लिया जाता था काफी भीड़ रहती थी कई बच्चे बिना मास्क के भी आते थे सैनिटाइजर की व्यवस्था स्कूल में नहीं थी प्राचार्य से कई बार उन्होंने निवेदन किया लेकिन प्राचार्य ने एक न सुनी परिणामत: जब महिला अध्यापक बीमार होने लगी तो उन्होंने अपनी जांच करवाई जिसमें प्रथम दृष्टया करोना पॉजिटिव पाई गई। 
इतना ही नहीं उक्त महिला अध्यापक के संपर्क में काफी अन्य स्टाफ रहे जो अभी भी नियमित रूप से स्कूल आ रहे। यदि प्राचार्य पीके की कार्यप्रणाली पर तत्काल कार्यवाही कर रोक न लगाई गई तो वह दिन दूर नहीं जब करो ना अपनी पुरानी गति से फिर से फैलने लगेगा।
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