Sunday, December 5, 2021

सीएम शिवराज ने की घोषणा शहीद के भाई को नौकरी, परिवार को के , एक करोड़ की सम्मान निधि मिलेगी

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कश्मीर के शोपियां में आतंकियों से मुकाबला करते हुए सतना के शहीद कर्णवीर सिंह का अंतिम सस्कार उनके गृह गांव दलदल में राजकीय एवं सैन्य सम्मान के साथ कर दिया गया। उनके बड़े भाई शक्ति प्रताप सिंह ने मुखाग्नि दी। उनकी अंतिम यात्रा में हजारों लोगों का हुजूम शामिल हुआ शहीद को श्रद्धांजलि देने मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी दल गांव पहुंचे। इस दौरान सीएम ने घोषणा की शहीद कर्णवीर सिंह से परिजनों को एक करोड़ की सम्मान निधि दी जाएगी। शहीद के बड़े भाई को सरकारी नौकरी दी जाएगी। गांव में शहीद कर्णवीर का स्मारक भी अनाया जाएगा।

• मुख्यमंत्री ने शहीद के परिजनों से भेंट कर उन्हें सत्वना दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राम दलदल के लाल शहीद कर्णवीर सिंह ने प्रदेश ही नहीं देश का नाम रोशन किया है। अपने जन्मदिवस के दिन कर्णवीर सिंह ने भारत माता की सेवा करते हुए दो आतंकवादियों को देर किया। इस संघर्ष में उन्हें भी अपने प्राणों का बलिदान देना पड़ा। कणवीर सिंह सदा-सदा के लिये अमर हो गए हैं।

युवाओं में दिखा जोश

कर्णवीर सिंह की अंतिम यात्रा व अंत्येष्टि के दौरान युवाओं में बलिदानी कावीर सिंह के प्रति निष्ठा और देश प्रेम जमकर देखा गया। लोग हाथों में रिंगा लिए हुए थे और जब तक सूरज चांद रहेगा, कर्णवीर तेरा नाम रहेगा भारत माता की जय कर्णवीर अमर रहे.. पाकिस्तान मुर्दाबाद आतंकवाद मदाबाद के नारे लगा रहे थे। वहीं गमगीन माहौल में कणवीर सिंह के बड़े भाई ने अंतिम सरकार किया वही सेना के जवानों में सलामी दी। उनके बड़े भाई शक्ति

सिंह जो कि इंदौर में इंजीनियर है उन्होंने मुखाग्नि दी।

मुझे गर्व है बेटे की शहादत पर

शहीद कर्णवीर सिंह के पिता रिटायर्ड मेजर रवि कुमार सिंह का कहना है कि उनका बेटा के लिए शहीद हुआ है। मैं सीना चौड़ा कर के चल सकता हूं। मरना जीना तो लगा रहता है, लेकिन सेना में इज्जत राम्मान है, इसलिए मैंने अपने बेटे को भी सेना में भेजा था। उन्होंने बताया कि आखिरी बार जब बात हुई थी तब कर्णवीर ने कहा था। कि अगली बार 10-12 दिन की छुट्टी लेकर आउगा तब आपको दिल्ली हॉस्पिटल में दिखाने ले चलूंगा। दादा सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि मेरा पोता आतंकियों को नार के मरा। वो वीर था। मेरा बेटा भी फौज में था और मेजर बन 32 साल की नौकरी से रिटायर हुआ बेटे की सकुशत पर वापसी की खुशी भी थी और अब नाती की शहादत का गर्व भी है

शहीद के चरणों को नमन करता हूं

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं ध्यप्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता की ओर से शहीद के चरणों में नमन करता हूँ उनका परिवार अब पूरे प्रदेश का परिवार है। धन्य है दलदल गांव की धरती जिसने पैसे शहीद को जन्म दिया। शहद कार सिंह के सेवानिवृत मेजर रहे प्रताप सिंह तथा माता मिलेश सिंह को भी मैं सादर नमन करता उनका परिवार हम सबके लिए बदनीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद कर्णवीर सिंह के पिता मेजर रवि प्रताप सिंह ने अपने बेटे की शहादत पर गई किया है। उनके आंख से आसू की एक बूंद नहीं गिरी। उन्होंने कहा कि यदि मेरे दस बेटे होते तो मैं सभी को भारत मां पर कुर्बान कर देता। ऐसे देशमक परिवार को में सदर प्रणाम करता है। इस मौक पर पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री रामखेलावन पटेल सांसद गणेश सिंह, सांसद राज्यसभा राजमणि पटेल, पूर्व मंत्री एवं विधायक रीवा राजेन्द्र शुक्ल, विधायक रामपुर बघेलान विक्रम सिंह, विधायक मैहर नारायण त्रिपाली, विधायक चित्रकूट नीलांशू चतुर्वेदी, विधायक सतना सिद्धार्थ कुशवाहा, पूर्व विधायक शंकरमाल तिवारी, पूर्व विधायक प्रभाकर सिंह, पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह गहरवार अन्य जनप्रतिनिधिगण, कमिश्नर रीवा अनेस सुवारी वीजीपी कंपी व्यकटेश्वर राव डीआईजी अनित सिंह कुशवाह, कलेक्टर अजय कटरिया पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह तथा हजारों आमजन उपस्थित रहे।

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