Friday, May 20, 2022

सीएम शिवराज को महिला का सुझाव आया पसंद, प्रदेश में अब आई स्कैनर से भी मिलेगा राशन

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भोपाल। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में राशन वितरण के दौरान अब आंखों की पुतलियों का मिलान कर राशन बांटा जाएगा. राशन वितरण व्यवस्था की यह नई व्यवस्था दिल्ली के बाद मध्यप्रदेश में भी लागू की जा रही है. पिछले दिनों तीर्थ दर्शन योजना की री-लाॅचिंग के दौरान सीएम शिवराज सिंह चौहान को इसको लेकर एक महिला ने सुझाव दिया था. आई स्कैनर की यह व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे लोगों को राशन लेने में परेशानी नहीं आएगी, जिनके फिंगर प्रिंट मैच नहीं होते.

महिला ने यह दिया था सुझावः
 पिछले दिनों तीर्थ दर्शन योजना की री-लाॅचिंग के दौरान जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लोगों को संबोधित कर रहे थे, उस दौरान एक यूजर रजनी सोनी ने सुझाव दिया था कि दिल्ली, बिहार में गरीब बुजुर्गों और मजदूरों के लिए ओटीपी, आधार कार्ड के अलावा आई स्कैनर का भी राशन लेने के लिए विकल्प दिया गया है. ताकि बुजुर्ग और मजदूरों को राशन लेने में समस्या न आए. इसके बाद प्रदेश में भी अब आई स्कैनर के विकल्प को लागू किए जाने की तैयारी की जा रही है।

अभी यह है प्रदेश में नियमः
 मध्यप्रदेश में राशन वितरण के लिए कई विकल्प दिए जाते हैं. प्रदेश में नियम हैं कि राशन लेने के लिए उचित मूल्य के दुकान पर अपने फिंगर प्रिंट स्कैन कराना होता है. इसके मैच होने के बाद ही राशन दिया जाता है. यदि फिंगर प्रिंट मैच नहीं हो रहा है, तो किसी ऐसे व्यक्ति को नाॅमिनेट भी बनाया जा सकता है, जो उपभोक्ता के स्थान पर नाॅमिनेशन के रूप में अपने फिंगर प्रिंट दे सके.

यह आती है समस्याः
दरअसल, फिंगर प्रिंट मिस मैच होने की समस्या कई उपभोक्ताओं को आने लगती है. खासतौर से जो मजदूरी या कोई ऐसा काम करते हैं, जिससे प्रिंट धीरे-धीरे मिट जाते हैं. उम्रदराज होने पर भी कई लोगों में ऐसी समस्या होती है. इसको देखते हुए अब राज्य सरकार आई स्कैनर की व्यवस्था भी शुरू करने जा रही है. खाद्य विभाग के प्रमुख सचिव फैज अहमद किदवई के मुताबिक इसके लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इस नई व्यवस्था से कई लोगों को फायदा मिलेगा.

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