Tuesday, November 30, 2021

Lakhimpur Kheri Case: सुप्रीम कोर्ट की उप्र सरकार को फटकार,हजारों की भीड़ और गवाह मात्र 23

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अक्टूबर (वार्ता ). उच्चतम न्यायालय ने लखीमपुर खीरी हत्याकांड मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ‘ढीले’ रवैये पर मंगलवार को एक बार फिर कई सवाल खड़े किये तथा गवाहों को समुचित • सुरक्षा प्रदान करने के साथ साथ जांच में तेजी लाने का आदेश दिया.

मुख्य न्यायाधीश एन वी रमन की अध्यक्षता वाली पीठ ने गवाहों के बयान सीआरपीसी की धारा 164 के तहत कराने में तेजी लाने का आदेश सरकार को दिया. शीर्ष अदालत ने जनहित की सुनवाई के दौरान कहा कि सीआरपीसी की धारा 164 के तहत गवाहों के बयान दर्ज करने के लिए यदि न्यायिक अधिकारी संबंधित क्षेत्र में उपलब्ध नहीं है तो जिला न्यायाधीश नजदीकी इलाके के अन्य मजिस्ट्रेट के समक्ष 164 के तहत बयान दर्ज कराने की व्यवस्था कर सकते हैं.

पीठ ने कहा कि हम उत्तर प्रदेश सरकार को आदेश देते हैं कि वह गवाहों के लिए समुचित सुरक्षा

की व्यवस्था करें, हालांकि उत्तर प्रदेश सरकार का पक्ष रख रहे वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कहा कि सुरक्षा दी जा रही है. उच्चतम न्यायालय में इसी सुनवाई के दौरान घटना में मारे गए श्याम सुंदर की विधवा रूबी देवी की ओर से पेश वकील अरुण भारद्वाज ने इंसाफ देने की गुहार लगाई. उन्होंने कहा कि उन्हें धमकियां दी जा रही है हत्यारे खुलेआम घूम रहे हैं. सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ

वकील हरीश साल्वे ने पीठ को बताया कि कुल 68 गवाहों में 30 के बयान सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज कर लिए गए हैं. इनमें 23 चश्मदीद गवाह हैं. मुख्य न्यायाधीश ने सिर्फ 23 चश्मदीद की जानकारी पर हैरानी जताते हुए कहा कि हजारों की भीड़ में सिर्फ 23 चश्मदीद गवाह है.

पहचान करना मुश्किल नहीं- कोर्ट

कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि चश्मदीद गवाहों का बयान मैजिस्ट्रेट के सामने रिकॉर्ड किया जाए. यूपी सरकार के वकील हरीश साल्वे ने जब कहा कि मौके पर कई साक्ष्य हैं और मीडिया एविडेंस है तो जस्टिस सूर्यकांत ने काउंटर करते हुए टिप्पणी की कि जब मौके पर पांच हजार के करीब आदमी थे और वह लोकल हैं तो फिर ऐसे लोगों की पहचान मुश्किल नहीं होनी चाहिए. कोर्ट ने कहा कि लोगों ने कार देखी और उसमें जो लोग थे, उन्हें भी देखा है. अदालत ने पुलिस से कहा कि आपके जो भी गवाह हैं, उसके अलावा भी बाकी गवाहों की तलाश करें. कोर्ट ने कहा कि चश्मदीद गवाह हमेशा ज्यादा पुख्ता सबूत होते हैं. साल्वे ने कोर्ट से कहा कि यूपी सरकार मामले में गवाहों के बयान एक सीलबंद लिफाफे में सामने रख सकती है.

दो अन्य हत्याओं पर भी मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से हिंसा के दौरान रमन कश्यप नाम के पत्रकार और श्याम सुंदर नाम के शख्स की मौत की जांच पर अपडेट भी मांगा है. कोर्ट ने फोरेंसिक लैब्स से हिंसा के वीडियोज से जुड़ी रिपोर्ट्स जल्द सबमिट करने को कहा है.

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