Monday, November 29, 2021

REWA-संजयगांधी अस्पताल में बिजली सप्लाई बाधित होने से मची अफरा-तफरी, आक्सीजन सिलेंडर लेने भागे परिजन

Share on whatsapp
WhatsApp
Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on telegram
Telegram

रीवा। शहर के संजयगांधी अस्पताल में कुछ समय के लिए बिजली सप्लाई बाधित होने से अफरा-तफरी मच गई। अस्पताल के तीसरे मंजिल में स्थित एसपीडब्ल्यू वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए यह समय भारी पड़ा। आक्सीजन सपोर्ट पर रखे गए कई मरीजों को सांस लेने में कठिनाई हुई। इतना ही नहीं बिजली नहीं होने से गर्मी से भी लोग व्याकुल हुए। दोपहर करीब एक बजे बिजली केबिल में फाल्ट की वजह से कई वार्डों की एक साथ सप्लाई बाधित हो गई। पहले तो रुक-रुक कर आती और जाती रही लेकिन करीब दस मिनट से अधिक समय तक एक साथ बिजली गुल होने से समस्या बढ़ गई। इस दौरान एपीडब्ल्यू वार्ड में २२ मरीज भर्ती थे, किसी ने अफवाह फैला दी कि आक्सीजन की सप्लाई भी बंद हो गई है। जिसके चलते मरीजों के परिजन जो वहां पर मौजूद थे, वह आक्सीजन के सिलेंडर लेने के लिए भाग पड़े। अस्पताल के दूसरे हिस्सों में मौजूद सिलेंडर लेकर कुछ लोग पहुंचे भी। इस दौरान मेडिकल कालेज के डीन डॉ. मनोज इंदुरकर, अस्पताल के अधीधक डॉ. शशिधर गर्ग सहित अन्य अधिकारी भी पहुंचे और बिजली की आपूर्ति तत्काल बहाल कराई। इस दौरान करीब दस से १५ मिनट तक का समय लग गया। जिसमें बिजली गुल होने से उत्पन्न समस्या से अधिक दहशत ने लोगों को परेशान किया।

– वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप

अस्पताल में बिजली सप्लाई रुकने की वजह से वार्ड के भीतर मची अफरा-तफरी का वीडियो वायरल हुआ। जिसमें दिखाया गया कि बिजली नहीं होने से किस तरह से लोग बिना बिजली के परेशान हो रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल में जहां बिजली थी, वहां के लोग भी परेशान हो गए। इस वीडियो ने न केवल अस्पताल परिसर में हड़कंप मचाया बल्कि पूरे शहर में लोगों को परेशान कर दिया। जिनके नजदीकी लोग अस्पताल में भर्ती हैं, वह जानकारी लेने के लिए अस्पताल पहुंचने लगे। कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं भी जारी कर दी, जिसमें कई लोगों के मरने की भी जानकारी शामिल थी। मामले की जानकारी मिलते ही कलेक्टर इलैयाराजा टी सीधे कई अधिकारियों के साथ अस्पताल पहुंचे।

प्रबंधन का दावा, आक्सीजन और बिजली सप्लाई की अलग व्यवस्था
घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने दावा किया है कि आक्सीजन और बिजली की सप्लाई व्यवस्था अलग है। बिजली की आपूर्ति करीब दस से पंद्रह मिनट के बीच बंद हुई थी। जिसमें केवल पंखे और एसी बंद हुए थे। इसी से मरीजों को कुछ परेशानियां हुई हैं लेकिन इस परिस्थिति का लोगों ने गलत उपयोग करते हुए आक्सीजन सप्लाई बाधित होने और उसकी वजह से मौतें होने का दावा किया गया। जिससे न केवल अस्पताल और शहर बल्कि इसकी वजह से दूसरे हिस्सों में भी सूचनाएं पहुंचने पर लोग चिंतित हुए। अस्पताल में प्रबंधन की व्यवस्था देख रहे डॉ. नरेश बजाज ने कहा कि बिजली की आपूर्ति से आक्सीजन सप्लाई का कोई संबंध नहीं है। बिजली बंद होने के बाद भी आक्सीजन की सप्लाई लगातार जारी रहती है। इसके अलावा अन्य कई मशीनों के लिए भी करीब दो घंटे का बैकअप अस्पताल में मौजूद है। डॉ. बजाज ने यह भी दावा किया है कि यदि आक्सीजन की सप्लाई में कोई तकनीकी बाधा उत्पन्न भी होती तो करीब ६०० सिलेंडर को स्टाक उनके पास है। जिससे वर्तमान भर्ती मरीजों को करीब १२ घंटे से अधिक समय तक आक्सीजन सपोर्ट पर रखा जा सकता है। उन्होंने कहा है कि वार्ड में भर्ती मरीजों को कोई खतरा नहीं है।

कलेक्टर ने मरीजों के परिजनों से भी बात की
घटना की सूचना मिलने के बाद कलेक्टर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पहले वार्ड में बिजली और आक्सीजन सप्लाई की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद वहां पर मौजूद मरीजों के परिजनों से भी बात की और उन्हें आश्वस्त किया कि किसी तरह की समस्या नहीं है। आगे भी मरीजों के उपचार के लिए हर संभव सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। कलेक्टर ने बिजली सप्लाई की अन्य स्थानों पर स्थितियों को देखा, साथ ही आक्सीजन प्लांट का भी निरीक्षण किया और कहा कि किसी हाल में आक्सीजन की सप्लाई बाधित नहीं होना चाहिए।

वीडियो वायरल करने वाले पर कार्रवाई
अस्पताल के भीतर से अफरा-तफरी का जो वीडियो वायरल हुआ है। उस पर कलेक्टर ने कार्रवाई का निर्देश दिया है। जिसमें वीडियो बनाने वाले और उसका समर्थन करने वालों पर एफआइआर दर्ज कराने का निर्देश अस्पताल के अधिकारियों को दिया है। अस्पताल के अधिकारियों की सूचना पर पुलिस ने आदिल खान नाम के आरोपी के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया। इसकी जांच अमहिया थाने की पुलिस की ओर से की जा रही है। पुलिस आरोपी को पकडऩे संजयगांधी अस्पताल पहुंची, जहां युवक फरार हो गया था।

तीन मौतों की सूचना उसी दौरान वार्डों से आईं
जिस दौरान अस्पताल में बिजली सप्लाई बाधित हुई, उसके कुछ ही देर के बाद कोरोना संक्रमण से ग्रसित तीन लोगों की मौत की सूचना अस्पताल के पुलिस चौकी में पहुंची। इन्हीं मौतों का हवाला देकर लोगों ने सूचनाएं वायरल की। जिसके चलते पूरे शहर में दहशत का माहौल बन गया। बाद में अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि जो मौतें हुई हैं, वह दूसरे वार्डों में पहले से भर्ती मरीजों की हैं।
—-

अस्पताल में बिजली बंद होने से कुछ समय के लिए परेशानी हुई थी लेकिन आक्सीजन की सप्लाई इसका कोई असर नहीं पड़ा। दोनों सप्लाई की अलग लाइन है। बिजली का करीब दो घंटे तक का बैकअप भी मौजूद है। वीडियो वायरल होने से लोगों में दहशत जरूर बनी थी, अब स्थिति सामान्य है। जिन लोगों ने भ्रामक जानकारी फैलाने का प्रयास किया है उन पर कार्रवाई भी होगी।
डॉ. इलैयाराजा टी, कलेक्टर रीवा
——————
संजयगांधी अस्पताल में बिजली गुल होने से आक्सीजन सप्लाई बाधित होने की अफवाह कुछ लोगों की ओर से फैलाई गई है। जिसकी वजह से पूरे शहर में दहशत फैली थी। ऐसे लोगों को चिन्हित किया जा रहा है। जो भी जिम्मेदार होंगे उन पर एफआइआर दर्ज की जाएगी।
राकेश सिंह, एसपी रीवा
————

पहले लाइट गई और आ गई। इसके बाद गई तो करीब दस मिनट से अधिक समय तक गुल रही। इस दौरान वार्ड में अफरा-तफरी मच गई। डाक्टर भी उस दौरान परेशान हो गए थे। 22 मरीजों का इलाज किया जा रहा था। वार्ड वॉय एवं मरीजों के परिजन भागकर सिलेंडर लेने पहुंचे, वहां से सिलेंडर लेकर आए आक्सीजन शुरू कराई। वेंटीलेटर वाले मरीजों को सिलेंडर से आक्सीजन दी गई। बिजली आने के बाद स्थिति सामान्य हुई। इसमें किसी की मौत नहीं हुई है।
तौसीफ अहमद, चश्मदीद
—————–

close