Monday, November 29, 2021

Ayushmaan Yojana:प्रदेश में दूसरे पायदान पर रीवा का एसजीएमएच 33 हजार से अधिक मरीजों को मिला उपचार

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Rewa News

केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी आयुष्मान उपचार योजना के मामले में रीवा का संजय गांधी अस्पताल प्रदेश के दूसरे पायदान पर है। बीते तीन साल में 33 हजार 465 मरीजों का इस योजना के तहत नि-शुल्क उपचार किया जा चुका है। जबकि पहले पायदान पर इंदौर का एमवाय अस्पताल है। वहीं भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर के अस्पताल रीवा से पीछे हो गए हैं। चिकित्सकों का दावा है एसजीएमएच समेत जीएमएच और सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में आने वाले ज्यादातर मरीजों का उपचार आयुष्मान योजना के तहत किया जा रहा है।

रीवा। उल्लेखनीय है कि श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय के अधीन संजय गांधी, गांधी मेमोरियल और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल संचालित हो रहा है। यहां पर विंध्य के करीब-करीब सभी जिलों से मरीज उपचार कराने पहुंचते हैं। हर दिन औसतन इन अस्पतालों में 3000-3500 की ओपीडी होती है। इसमें से करीब 100 मरीजों को भर्ती करना होता है। लिहाजा इन मरीजों का उपचार आयुष्मान भारत योजना के तहत किया जा रहा है। चिकित्सा अधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन वर्ष के भीतर एसजीएमएच में 33 हजार 465 मरीजों को आयुष्मान योजना के तहत उपचार दिया गया है। यह संख्या प्रदेश में दूसरे नंबर पर है। इंदौर में सबसे अधिक 41869 मरीजों का उपचार किया गया है। जबकि राजधानी भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर भी रीवा से पीछे हैं।

  • भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर के अस्पताल हुए पीछे
  • इंदौर का एमवाय हॉस्पिटल पहले नंबर पर

पांच लाख तक मिलता है उपचार

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने आयुष्मान योजना की शुरुआत किया है। जिसके तहत कार्डधारी मरीजों का अनुबंधित प्राइवेट और सरकारी अस्पताल में निःशुल्क इलाज किया जाता है। एक मरीज को पांच लाख तक रुपये का उपचार मुफ्त है। यही वजह है कि अस्पताल प्रबंधन इस पर ज्यादा जोर दे रहा है।

चिकित्सक व कर्मचारियों को मिलता है लाभ

सरकार की गाइड लाइन के अनुसार आयुष्मान योजना के तहत मरीजों का उपचार

करने वाले चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ को भी लाभ मिलता है। जानकारी के अनुसार मरीज के उपचार में हुए खर्च का 30 प्रतिशत चिकित्सक व कर्मचारी, 30 प्रतिशत अस्पताल और 40 प्रतिशत सरकार को जाता है।

डीन और अधीक्षक की मॉनीटरिंग आई काम

बताया जा रहा है कि इतनी बड़ी संख्या में संजय गांधी अस्पताल में आने वाले मरीजों को आयुष्मान योजना के तहत निशुल्क उपचार मिलने का सबसे बड़ा कारण अधिकारियों की मॉनीटरिंग है। एसएस मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. मनोज इंदूलकर और एसजीएमएच अधीक्षक डॉ. एसपी गर्ग लगातार ही इस योजना की मानीटरिंग करते रहे हैं। जिसकी वजह से रीवा प्रदेश के दूसरे पायदान पर है। जिसे एक नंबर लाने का प्रयास भी किया जा रहा है।

पिछले तीन सालों में आयुष्मान योजना के तहत एसजीएमएच में 33 हजार 465 मरीजों का उपचार किया जा चुका है। इंदौर के एमवाय के बाद यह दूसरे नंबर पर है। अब प्रयास है कि एसजीएमएच को पहले नंबर पर लाया जाए। क्योंकि यहां पर विंध्य के सभी जिलों मरीज उपचार के लिए आते हैं। अस्पताल में ही आयुष्मान कार्ड बनाने का काउंटर भी खुला हुआ है। जिससे मरीजों को परेशान नहीं होना पड़ता है।

डॉ. अम्बरीश मिश्रा, नोडल अधिकारी आयुष्मान योजना

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